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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन में राष्ट्रीय सुरक्षा उप सलाहकार रहे एंटोनी जॉन ब्लिंकेन ने न्यू यॉर्क टाइम्स में एक लेख लिखा हैं, जिसमें उन्होंने राय व्यक्त की है कि विश्व नेतृत्व से अमेरिका धीरे-धीरे पीछे खिसक रहा है और जिस तरह से चीन आगे बढ़ रहा है, उससे यह संभव है कि वह विश्व का नेतृत्व करने लगे। उन्होंने चीन की कूटनीतिक गतिविधियों के हवाले से कहा है कि चीन के वर्तमान राष्ट्रपति शी जिनपिंग बहुत तेजी से चीन को वैश्विक परिदृश्य पर उभार रहे हैं। चीन में लोकतंत्र नहीं है, वहां पर्यावरण की स्थिति चिंताजनक है और मानव अधिकारों की बात करना ही फिजूल है, लेकिन फिर भी जिस तरह चीन आगे बढ़ रहा है, वह पूरी दुनिया के लिए गंभीर बात हो सकती है।

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अमित शाह का जन्मदिन !

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मैं भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह की कई बातों का आलोचक हूँ, उनसे घोर असहमत रहता हूं, लेकिन फिर भी मैं उनका बड़ा प्रशंसक हूं. आमतौर पर जिस तरह कोई व्यापारी केवल अपने मुनाफ़े से मतलब रखता है, उसी तरह अमित शाह केवल भारतीय जनता पार्टी के राजनीतिक लाभ से मतलब रखते हैं. उनका लक्ष्य 'किसी भी तरह' भारतीय जनता पार्टी को फायदा पहुंचाने का रहता है, इस में नैतिकता-अनैतिकता वे देखते नहीं हैं शायद !

अमित शाह शतरंज के माहिर खिलाड़ी हैं. रंगमंच पर अभिनय भी किया है और वे शास्त्रीय संगीत में रुचि रखते हैं. राजनीति में भी शास्त्रीय संगीत की तर्ज पर शतरंज खेलते हैं. वे कब प्यादे को वजीर बना देते हैं, कब राजा, घोड़ा और कब प्यादा, घोड़ा बन जाता है, और कब वजीर ऊंट के खाने में बैठने पर बाध्य हो जाता है, यह  सामने वाले को समझ में नहीं आता.  अमित शाह की अगली चाल कौन सी होगी, उनकी पार्टी के लोग भी नहीं जान पाते!

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  • इतनी जल्दी तो मैगी भी नहीं बनती, जितनी जल्दी सरकार बनी है।
  • नीतीश को कब पता चला कि लालू यादव भ्रष्ट हैं। 
  • बिहार में बहार है, भ्रष्टाचार है, हत्याचार है, दरार है, तकरार है, नए गठबंधन का आविष्कार है, पर नीतीशे कुमार है।
  • इस्तीफा देने के पहले नीतीश कुमार ने दूसरी कंपनी की ऑफर लेटर पा लिया था।

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सोशल मीडिया के अनुसार अब अंतरराष्ट्रीय बेवफा का खिताब सोनम गुप्ता से छीनकर नीतीश कुमार को दे दिया गया है। सोनम गुप्ता तो बेचारी यूं ही बदनाम है। पता नहीं, कौन सी सोनम गुप्ता बेवफा थी, थी भी या नहीं, लेकिन यह सच है कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री थे और हैं। इसी तरह राजनीति करते रहे तो शायद आगे भी बने रहेंगे।

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ट्विटर ने गुरमीत राम रहीम का अकाउंट रोक दिया है। अब इस अकाउंट में कोई गतिविधि संभव नहीं है। डेरा प्रमुख के इस ट्विटर अकाउंट पर 30 लाख 57 हजार से अधिक फॉलोअर्स थे। ट्विटर ने गुरमीत की कथित बेटी हनीप्रित इन्सान का अकाउंट भी रोक लिया है। इन दोनों ट्विटर अकाउंट का उपयोग गुरमीत राम रहीम के प्रचार के लिए होता रहा है। फेसबुक पर बाबा गुरमीत से जुड़े करीब 22 अकाउंट को बंद करने के लिए भी पुलिस कोशिश कर रही है।

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हमारे नए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अब ट्विटर पर भी नजर आने लगे हैं। दो दिनों में उनके 10 लाख नए फॉलोअर्स बने। राष्ट्रपति कोविंद को फॉलो करने वालों की संख्या करीब 32 लाख है। वे ट्विटर पर केवल एक शख्स के अकाउंट को फॉलो कर रहे हैं और वे हैं श्री प्रणब मुखर्जी। वास्तव में राष्ट्रपति कोविंद का ट्विटर अकाउंट भारत के राष्ट्रपति का ट्विटर अकाउंट है, जो 2014 में श्री प्रणब मुखर्जी के राष्ट्रपति रहते शुरू किया गया था। दो दिन पहले तक उनके ट्विटर फॉलोअर्स की संख्या ३१ लाख थी। इस लिहाज से राष्ट्रपति कोविंद का ट्विटर अकाउंट भी वहीं है, जो पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का था। यह ट्विटर अकाउंट भारत के राष्ट्रपति का अधिकृत ट्विटर हैंडल है। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का ट्विटर अकाउंट प्रेसीडेंट मुखर्जी के नाम पर था (पीओआई१३) यानि भारत के १३वें राष्ट्रपति। राष्ट्रपति कोविंद का ट्विटर अकाउंट का नाम प्रेसीडेंट ऑफ इंडिया है और आईडी हैं राष्ट्रपतिबीएचवीएन। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के नाम पर अनाधिकृत ट्विटर अकाउंट की बाढ़ आई हुई है।

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राष्ट्रीय मीडिया कॉन्क्लेव की रिपोर्ट

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संस्था विकास संवाद का ग्यारहवां वार्षिक आयोजन ओरछा में 18 से 20 अगस्त 2017 तक आयोजित हुआ। विषय रहा - ‘मीडिया, बच्चे और असहिष्णुता’। आयोजन के आधार पत्र में लिखा गया है - ‘‘आज कल मीडिया का जिक्र भी राग दरबारी के उस बहुउद्घ्रत प्रसंग की तरह हो गया है, जिसमें शिक्षा व्यवस्था की जगह अगर मीडिया को रख दें, तो उसे सड़क की कुटिया मानकर हर कोई लात जमाता चलता है। लोकतंत्र की झंडाबरदार राजनीतिक जमातों और नौकरशाही से लेकर कोई भी सड़क चलता इंसान किसी भी छोटी-मोटी बात पर मीडिया को भी गरियाता रहता है... मीडिया खुद के ‘बिक जाने,’ ‘तोड़-मरोड़कर पेश करने’ से लगाकर ‘सत्ता में सहयोगी’ तक की गालियों से नवाजा भी जाता है।’’

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8 सिंतबर 1978 को नईदुनिया में प्रकाशित लेख

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सरदार सरोवर बांध की डूब में आने वाले 44 हजार परिवारों के करीब एक लाख लोगों के सामने विस्थापन का खतरा मंडरा रहा है। 40 साल से वे इस खतरे की सुगबुगाहट सुन रहे थे, लेकिन अब डूब का समय करीब आता जा रहा है। 31 जुलाई तक निसरपुर भी इतिहास बन जाएगा। जिस तरह हरसूद नर्मदा के बांध की डूब में आया था, उसी तरह निसरपुर का भी नामो-निशान मिट जाने वाला है। निसरपुर के पास ही के 76 गांव भी डूब में आने वाले है।

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कहा जाता है कि सत्य केवल सत्य होता है। न आगे, न पीछे। न आधा, न पूर्ण। सत्य को रचा नहीं जाता, वह खुद ब खुद हो जाता है, लेकिन अब आभासी और इंटरनेट की दुनिया में सत्य तेजी से रचा जा रहा है। मीडिया को हम सत्य और वस्तुगत जीवन मूल्यों का पहरेदार समझते है, लेकिन अब यह बात खुद ब खुद साबित होती जा रही है कि इंटरनेट और आभासी दुनिया में रचे जा सकने वाले सत्य का बोलबाला है।

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Pankh

‘मन के पंख’ अंजना सिंह सेंगर की पहली काव्यकृति है, जिसमें ग़ज़ल, गीत, दोहे, कुंडलियां छंद, ताटंक छंद, घनाक्षरी, सरसी छंद, आल्हा छंद, मुक्तक, मुक्त छंद कविताएं, आधुनिक कविताएं, हाईकू और क्षणिकाएं शामिल है। कवयित्री ने लिखा कि यूं तो मन बड़ा चंचल होता है, लेकिन अगर उसके पंखों को सही दिशा दी जाए, मन को साध लिया जाए, उसे एकाग्र कर लिया जाए, तो बड़े से बड़ा काम सिद्ध हो सकता है। मन के तार जोड़ने से ही भक्त भगवान का हो जाता हैं, वह हरि दर्शन कर लेता हैं और जीवन सार्थक हो जाता हैं।

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RAVAN

रावण की छवि जनमानस में किसी खलनायक से कम नहीं। रावण नामक के बजाय एक विशेषण की तरह याद किया जाता है। हर विजयादशमी को रावण के प्रतीक पुतले का दहन किया जाता है और भगवान राम की महिमा का वर्णन होता है। पत्रकार शैलेन्द्र तिवारी ने रावण के जीवन के उन पहलुओं को जानने और समझने की कोशिश की है, जो उनकी छवि के विपरीत थे। कहते है कि मध्यप्रदेश के मंदसौर में रावण की पत्नी मंदोदरी का मायका था, शायद इसीलिए वहां रावण का मंदिर है और रावण की पूजा होती है। कहा जाता है कि रावण था ही इतना बलशाली और बुद्धिमान कि वह सृष्टि की संरचना अपनी मर्जी से करने में सक्षम था।

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‘आलिन्द’ में टोनी शुक्ला की करीब सवा सौ रचनाएं संकलित है। इसी के साथ इसमें गद्यनुमा छोटी-छोटी रचनाएं भी है, जो पाठक के मूड को बदलने की क्षमता रखती है। ये कविताएं मुक्त छंद कविताएं है और इनकी भाषा आसान और आम पाठकों को समझमें आने वाली है। ज्ञान का बघार लगाने की कोशिश नहीं है। वैज्ञानिक शब्दावली में रक्त का संचय करने वाले छोटे से प्रकोष्ठ को आलिन्द कहते है। अर्थात ह्रदय का एक हिस्सा जिसका संबंध रक्त के प्रवाह से है। शरीर के इस हिस्से का मानव के प्राण से सीधा संबंध है। कवि का मानना है कि ये कविताएं आलिन्द की तरह उनके ह्रदय का एक अंश है।

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