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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की डंगाडोली  की इस तस्वीर को लेकर लोग सोशल मीडिया पर लोग शिवराज सिंह के ख़िलाफ टूट पड़े हैं. इस वाइरल तस्वीर से मुख्यमंत्री की छवि को कितना धक्का लगा है, इसका अंदाज़ मुख्यमंत्री और उनके सिपहसालारों को नहीं होगा. मज़ेदार बात कि यह तस्वीर जनसंपर्क विभाग ने जारी की है, यह बताने के लिए कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कितने संवेदनशील हैं। मैं अपनी तरफ से कुछ लिखे बिना ट्विटर और फेसबुक के अपने कुछ मित्रों के कमेंट शेयर कर रहा हूँ। 

--प्रकाश हिन्दुस्तानी

मुख्यमंत्री की सुरक्षा में लगे दस्ते का क्या काम होता है ? मुख्यमंत्री की हिफ़ाज़त करना, सीएम को किसी भी ख़तरे से बचाना- यही ना ? फिर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री अगर बाढ़ के पानी से घिर गए और उनकी सुरक्षा में लगे कर्मियों ने कंधे पर उठाकर उन्हें सुरक्षित जगह तक पहुँचाया इसमें कौन से नियम का उल्लंघन हुआ या कोई गड़बड़ी हुयी है? सीएम की सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों ने अपने कर्तव्य का पालन करके क्या ग़लत किया? अगर बाढ़ के पानी में एक बड़े प्रदेश का मुखिया किसी हादसे का शिकार हो जाता फिर ये किसकी ज़िम्मेदारी होती? बाढ़ की विभीषिका से लड़ने में शिवराज सिंह चौहान कितना सक्षम और अक्षम रहे हैं इस पर पत्रकारिता करिये ना , किसने रोका है , बजाय इधर-उधर की बातों में समय और जगह नष्ट कर रहे हैं !
--मनोज मलयानिल
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ये दो वो फोटो हैं जिसने सीएम शिवराज सिंह की सारी अगली पिछली कमाई पर पानी फेर दिया। शिवराज अपनी छवि को लेकर बेहद सतर्क रहते हैं या यूँ कहें कि वो अपनी छवि बनाने के लिये हर दम कोशिश करते रहते हैं। बेहतर न्यूज का फोटो कैसे बनेगा वो जानते हैं। मगर इसी कोशिश में वो गच्चा खा गये। पन्ना के अंजान से गाँव में जाने के दौरान वो ये ग़लती कर बैठे। सफ़ेद स्पोर्ट्स शूज को पानी और कीचड़ से बचाने की क़वायद में होमगार्ड के दो जवानों की सवारी कर उन्होंने बता दिया कि आम आदमी के सीएम होने का दावा अब झूठा पड़ गया है। पाँव पाँव वाले भैय्या अब अफ़सरों की बातों में आकर गोदी की सवारी करने लगे हैं। रही सही कसर दूसरी फोटो ने पूरी कर दी जिसमें उनका सुरक्षा जवान उनके नये जूते उठाकर चल रहा है। आपदा के मौक़ों पर इस तरह शिवराज का मौक़े पर पहुँचना सवाल खड़े भी करता है। दरअसल शिवराज पूरी सरकार को अपने दम पर ही चलाने की कोशिश कर रहे हैं। वो ये अच्छी तरह जानते हैं कि उनके मंत्री और अधिकारी को जनता के दुखों की परवाह नहीं करते। पूरी सरकार वन मैन शो होकर रह गयी है जो शिवराज सिंह के बारह साल के मुख्यमंत्री काल की सबसे बडी कमज़ोरी है।उनके पास ना अच्छे मंत्रियों की टीम है ना अधिकारियों की। आपदा के मौक़ों पर अकेले शिवराज की उछलकूद ही ऐसे हँसने वाले मौक़ों का निर्माण कर देती है फिर चाहे वो सिंहस्थ में सीढ़ी पर चढ़कर साधुओं के तंबू लगाना हो या गोदी चढ़कर बाढ़ पीड़ित जनता से मिलना। ये दोनों फोटो सोशल मीडिया पर शिवराज की छवि पर क़हर बरपा रहीं हैं। हैरानी की बात ये है कि ये फोटो सरकार के विभाग ने ही जारी किये हैं। धन्य है
--ब्रजेश राजपूत
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आराम से भाई आराम से
--मोहित श्रीवास्तव
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गोद में मध्य प्रदेश की सरकार @ChouhanShivraj को पुलिस ने गोद में उठाकर बाढ़ प्रभावित इलाक़े से पार लगाया
--मिलिंद खांडेकर
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सीएम शिवराज को टांग कर कराया नाला पार,,,,पन्ना के कमताना गांव में बाढ़ पीड़ितों से मिले
--शिवकुमार त्रिपाठी
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इधर........
शर्म इन्हें मगर आती नहीं...
उधर.........
मुख्यमंत्री बनने की इच्छा पाले नरोत्तम मिश्रा ने मौका पाते ही ,न जाने किसके इशारे पर यह दांव चल दिया..अपने विभाग (jansampark)से मुख्यमंत्री की फोटो जारी करवा के
--सुनील कुमार बघेल
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पानी से डरते हैं मामा
करते हैं जाने क्या ड्रामा
वर्दी वाले लिए अछंग
दुनिया देख रह गयी दंग
--राकेश अचल
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हाथी घोडा पालकी
जय प्रदेश सरकार की।
अब क्या कहू ?
--दीपक ताम्रकर
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शिवराज जी की पहचान पाँव -पाँव वाले भैया के तौर पर थी. अब उस पाँव में ब्रांडेड जूते हैं, वो खराब न हो जाएं, इस डर से "तंत्र "ने अपने इस अतिविशिष्ट "गण" को गोद पर उठा लिया. पुल पर बाढ़ का पानी हो तो पुल पार न करें, की चेतावनी को सत्ता की हनक के बहाव में कैसे बहाया जाता है, उसकी नज़ीर है ये फोटो... बधाई शिवराज जी.. भाट और चारण आपको समर्पित और जनता से जुड़ा नेता बताकर विरदावलियां गाएंगे, मगर माफ़ करिए... मुझे इस तस्वीर में आप किसी निरंकुश मुगल शासक की तरह दिख रहे हैं। अव्वल तो इतने पानी मे आपको उतरना ही नहीं था और यदि उतरते भी तो पैदल चलकर जाते।मुझे नहीं पता कि वहाँ पानी का बहाव और पुल के नीचे गहराई कितनी थी लेकिन तस्वीर में ऐसा दिख रहा है कि एक साथ कितने लोगों का जीवन आपके इस अतिउत्साह के कारण खतरे मे है। आपका बोझ ...ढोने वाला 'तंत्र' यदि फिसल जाता तो क्या होता..? उन गरीब पुलिस वालों को तो फौरन से पेशतर सस्पेंड कर दिया जाता। हैरत है मुझे आपके अंदाज़ पर....वैसे आपके जूते देखे... बहुत सुंदर हैं, इन्हें ज़मीन पर मत रखिएगा, मैले हो जाएँगे।

--प्रवीण दुबे

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जायजा लेने गए थे खुद जायजा बन गए .कहावत है ' शिकार करने गए थे खुद शिकार हो गए.ambrish kumar
व्यवस्था की गोद में बैठकर सीएम शिवराज ने लिया बाढ़ का जायज़ा
--उमाशंकर पटेल
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गोद में सरकार
--पुष्पेन्द्र वैद्य
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सुन्दर दृश्य और शूद्ध वातावरण
देखिये कितना शुभ्र आवरण है मुखिया का
कितना नीरभ्र आसमान है
पुलिस है सहायता को अब प्रदेश के लाखों लोगों को तीर्थाटन करवा दिया तो इतना तो फर्ज बनता है कि प्रशासन और पुलिस पानी से बचाते हुए माननीय को पार लगाए, वैसे भी राम को केवट ने पार लगाया था अब आधुनिक समय है और बाढ़ की बेला।
अहो भाग्य उन होम गार्ड के जवानों का जिन्हें यह सुअवसर मिला और दुर्भाग्य इन अयोग्य लोगों का जो साथ चलते हुए भी अपने लाडले मामा को उठा नही पाये।
कितने सौभाग्यशाली है हम कि ऐसे मनोरम सुकार्यों का साक्षात दर्शन कर पा रहे है।
इसलिए तो जनसेवक बनते है और सभी सरकारी नौकरी के लिए लालायित रहते है। अब आप लोग इसे सामन्तवाद कहो या कुछ और पर असली मजा यही है मालिक !!!
--संदीप नाईक
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वाह राजा साहब जी
जनता की क्या व्यवस्था हे।
--कन्नू मिश्र
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विसर्जन की तैयारी, वो भी प्रशासन के द्वारा । अपने ही गिराते हैं नशेमन में बिजलियाँ
--के के मिश्रा
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मध्य प्रदेश की बाढ़ का जायजा लेते माननीय मुख्यमंत्री जी
--भारती ओझा
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गोद में सरकार...पन्ना में मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कुछ यूं लिया बाढ़ का जायजा
--प्रवीण कुमार खारीवाल
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कमल का तो पानी से सनातन संबंध है लेकिन कमलछाप नेताजी की हिम्मत महज छह इंच पानी देखकर पानी-पानी हो गई!!
--अवधेश अकोदिया
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गदहा घोडा पालकी
--अरुण
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हद है! मध्य प्रदेश में बाढ़ पीड़ितों का दर्द बांटने कुछ इस अंदाज में निकले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह
--कुणाल देव
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कमाल है
श्री @ChouhanShivraj की
बाढ़ ग्रस्त पन्ना में घुटने घुटने पानी चले,
अधिकारी कार्यकर्ताओं को दौडाया।
परन्तु पीडितों को ढांढस बंधाया।
--अनिल सप्रे
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हेलीकाँप्टर का खर्चा बचाते शिवराज। अबकी बार, किफायती सरकार
--प्रणव सिरोही
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चूक गए चौहान
केवल एमपी गजब नहीं बल्कि वहां के मुख्यमंत्री भी गजब हैं।
व्यापम वाले सीएम साहब का यह व्यापक बाढ़ दौरा था। यह तस्वीर भारतीय नेताओं की सामंती मानसिकता को उजागर करती है। मुझे ऐसे प्रदेश के लोगों से हमदर्दी है जिसका सीएम ऐसा है। आने वाले कई सालों तक यह तस्वीर भुलाई नहीं जा सकेगी।
--अभय मेहता
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इस तस्वीर को देखकर सबसे पहले आपके मन में क्या आता है?
--धीरज सार्थक
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बाढ़ सूखा जलजला भी एडवेंचर राइड का मौका मुहैया कराते हैं। ये न हों तो वाकई बेहद नीरस है ये ज़िन्दगी।
--सिद्धार्थ विमल
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गोद में मध्यप्रदेश की सरकार
--प्रीतिश सी सरकार
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पन्ना ( मप्र०)में बाढ़ का दृश्य देखते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह
--अरुणेश मिश्र
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MP CM...review flood situation..गोद में.सरकार..‪#‎flood‬
--जर्नलिस्ट नीरज श्रीवास्तव
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शिवराज को विसर्जित करने जाते हुए MP पुलिस के जवान
--दिग्विजय चतुर्वेदी
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मेरा जूता है जापानी...बाढ़ पीड़ित इलाके में शिवराज, जूता सेवक भी चाहिये
--प्रीतेश अग्रवाल
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जय मोदी के लाल की
--रूबी अरुण
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पानी चुल्लू भर से कुछ ज्यादा था....
क्या करते बेचारे
कुछ इसी तरह गोद में चढ़ कर
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रो का दौरा करते मुख्यमंत्री G
गणेश विसर्जन की यादे ताजा करती तस्वीर
--कीर्ति कापसे
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मायावती और मामा में फिर क्या अंतर? सुरक्षाकर्मी क्या जूता उठाने के लिए हैं
--उमाशंकर पटेल
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पन्ना में बाढ़ का जायजा लेते मप्र के शिवराज मामा
--राजेंद्र तिवारी
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पर्यावरणविद अनुपम मिश्र होशंगाबाद, मध्य प्रदेश से हैं। उनका एक प्रसिद्ध लेख है, तैरने वाला समाज डूब रहा। आज उनके सूबे के मुख्यमंत्री की एक तस्वीर देखी। जो ना डूब रहा है और ना तैर रहा है।
एमपी गज्जब है, सबसे अज्जब है...
टूरिस्ट अब सांची—वाची से फूर्सत मिले तो इनसे मिलने भोपाल के सीएम आवास भी आ सकते हैं....
--आशीष कुमार अंशु
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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह बुन्देलखन्ड के बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरों पर है। ये फोटो देख हमारी भतीजी ने सहज भाव से पूछा का मुख्यमंत्री पानी में चल नई सकत। अब क्या जवाब देते काफी देर तक सोचते रहे...कहब त लग जाईब धक से--
--ममता यादव
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गोद में सरकार।
पन्ना में cm का बाढ़ जायजा
अमानगन्ज तहसील के कमताना गांव का निरीक्षण करने बहरा पार कर जाते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान।
--रमाशंकर शर्मा
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मध्यप्रदेश में बाढ़ की स्थिति गंभीर है। राज्य की सरकार बहुत सजग है और माननीय मुख्यमंत्री जी खुद पहल कर रहे हैं।
--सचिन कुमार जैन
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गजब की मुस्तैदी है शिवराज सरकार की बाढ़ को लेकर !!
प्रदेश में भयानक बाढ़ है और स्वयं मुखिया आज पन्ना जिले की अमानगंज तहसील में गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर निरीक्षण करने गए। देखिये क्या कर्मठ मुख्यमंत्री है मने कि गजब !
--संदीप नाईक
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कैसा कॉमिक दृश्य !
दो पुलिसवालों की डंगाडोली में बाढ़-मुआइना !
--प्रियंकर पालीवाल
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इन लोगों ने कुछ कमेंट न लिखते हुए केवल फोटो शेयर किया और बिना कुछ कहे अपनी बात कह दी
पंकज शर्मा
शक्ति दुबे
शशिकांत त्रिवेदी
दीपक शर्मा
आवले पप्पू
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shivraj2

अपने सुरक्षा अधिकारी से जूता उठाना ,किसी भी दृष्टि से स्वीकार्य नहीं होना चाहिये।
--सुरेश यादव

 18 Aug 2016

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