Bookmark and Share

sinhasth1

22 अप्रैल से शुरू होने वाले सिंहस्थ के लिए सभी ने कमर कस ली है। सिंहस्थ की सभी तैयारियां लगभग पूर्ण हो चुकी है। मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार इस बार सिंहस्थ ग्लोबल इवेंट की तरह होगा। उज्जैन एक नए रूप में आ चुका है। यह नया  रूप किसी भी महानगर की व्यवस्था को टक्कर देने लायक है। अखबारों में विशेष परिशिष्ट निकाले जा रहे है। टीवी चैनलों पर विशेष शो तैयार है, लेकिन सोशल मीडिया पर सिंहस्थ के बारे में जो जानकारी मिल रही है, वह अनूठी और सबसे पहले दी जाने वाली जानकारियां हैं। 

सोशल मीडिया पर 2004 के सिंहस्थ के नरेन्द्र मोदी के फोटो फिर से शेयर किए जा रहे है। सिंहस्थ की अगुवानी में होने वाली पेशवाई की जगह अब प्रवेशाई शब्द का उपयोग हो रहा है। इस बीच सिंहस्थ के दौरान क्षिप्रा नदी में मिल रही गंदे पानी की नालियों की चर्चा भी है और सिंहस्थ के अवसर पर होने वाले निर्माण कार्यों में तथाकथित भ्रष्टाचार की चर्चा भी। सड़क धंसने के मामले को जिस तरह सबसे पहले सोशल मीडिया में जमकर उछाला गया, उससे लगता है कि यह सिंहस्थ भी भ्रष्टाचार से अछूता नहीं है। 

sinhasth2

इस बार सिंहस्थ में पहली बार इतनी बड़ी-बड़ी प्रवेशाई (पेशवाई) निकली है। अलग-अलग मिजाज की खबरें सोशल मीडिया पर शेयर हो रही है। इनमें नर्मदा का क्षिप्रा में संगम और महाकाल मंदिर के गर्भगृह से दर्शन न करने की बातें भी प्रमुख है। हर सिंहस्थ में हजारों नागा साधु खुद का पिंडदान करते है और अपना जीवन धार्मिक आस्था में लगा देते है। सिंहस्थ में जल रही विशाल अखंड ज्योत और सौ फुट से भी बड़ी अगर बत्ती की भी चर्चाएं सोशल मीडिया पर है। 

जब भी सिंहस्थ आता है यह खबर घूम-फिरकर आ जाती है कि जो मुख्यमंत्री एक बार सिंहस्थ का आयोजन करवाता है, वह उसके बाद कुर्सी पर नहीं बैठ पाता। 2004 के सिंहस्थ में उमा भारती मुख्यमंत्री थी। सिंहस्थ के बाद वे मुख्यमंत्री नहीं रही। उसके पहले भी जो-जो मुख्यमंत्री सिंहस्थ के दौरान रहे, सिंहस्थ के सम्पन्न होने के बाद उन्होंने नई जिम्मेदारी संभाली। ऐसी खबरों का कोई ओर-छोर नहीं है, लेकिन फिर भी चटखारे लेने के लिए इस तरह की खबरें सोशल मीडिया पर घूमती रहती है। 

सोशल मीडिया पर सिंहस्थ की खबरों में नवनिर्मित सुंदर घाटों की तस्वीरें शामिल है। उज्जैन किस तरह बदल गया, यह भी सोशल मीडिया पर जाना जा सकता है। निर्माण कार्यों में क्या-क्या खास काम हुए और कहां घोटालों की आशंका है, यह भी सोशल मीडिया पर देखा जा सकता है। सिंहस्थ को लेकर कई नए ब्लॉग शुरू हुए है, जिन पर सिंहस्थ की जानकारी पूर्ण रूपेण देखी जा सकती है। सिंहस्थ की अपनी वेबसाइट भी काफी पहले लांच की जा चुकी है, जिसमें सिंहस्थ की सभी जानकारियां आधिकारिक रूप से उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद सिंहस्थ की तैयारियों का जायजा ले रहे है और लगतार इस पर निगरानी रखे हुए हैं। इसके बाद भी सिंहस्थ में कुछ न कुछ असुविधाजनक खबरें आ ही जाती है।

subahsavere164

सिंहस्थ में धार्मिक आस्था के अलावा कौतुक की बातें भी सोशल मीडिया पर देखी जा सकती है। एक साधु है, जो ग्यारह किलो सोने के जेवर पहनते है। एक ऐसे साधु है, जो नैनो कार में ही घूमते है। एक ऐसे साधु है, जो दावा करते है कि उनका दिमाग कम्प्यूटर से भी तेज चलता है। अनेक साधु ऐसे है, जिन्हें उनके भक्त सरकार कहते है। वैसे भी उज्जैन में भगवान महाकाल को महाराजा का दर्जा प्राप्त है, लेकिन कहां भगवान और कहां साधु। नागा साधओं से जुड़े अनेक-अनेक तथाकथित रहस्य, साधु-संतों के वैभव और ऐश्वर्य की कहानियां, साधुओं के विदेशी भक्तों की कहानियां जैसे कई विषय सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं। बार-बार साधुओं के रूठ जाने और मनुहार करने पर मान जाने की कहानियां भी सोशल मीडिया पर आ रही हैं। इन सबसे ऐसा लगता है कि हमारे साधु-संत भी मानवीय खूबियों से भरे पड़े हैं। साधुुओं के रूठने, मनाने के किस्से भी अनेक है और उनके प्रभाव की कहानियां भी अनेक। सिंहस्थ के समापन पर सोशल मीडिया पर भी यहीं सब छाया रहने वाला है।

Search

मेरा ब्लॉग

blogerright

मेरी किताबें

  Cover

 buy-now-button-2

buy-now-button-1

 

मेरी पुरानी वेबसाईट

मेरा पता

Prakash Hindustani

FH-159, Scheme No. 54

Vijay Nagar, Indore 452 010 (M.P.) India

Mobile : + 91 9893051400

E:mail : prakashhindustani@gmail.com