
यूपीएससी में टॉप करने वाली छात्रा टीना डाबी अचानक सोशल मीडिया की सुपरस्टार बन गई। टीना किसी फिल्म अभिनेत्री या मॉडल से कम नहीं लगतीं। आईएएस में नंबर वन पोजिशन पर सिलेक्ट होते ही फेसबुक पर उनके नाम के फर्जी अकाउंट की बाढ़ आ गई। 35 से अधिक फेसबुक अकाउंट टीना डाबी के नाम पर है और उनमें से अधिकांश पर टीना डाबी की मूल तस्वीर भी है। इसके अलावा टीना डाबी के नाम पर कई लोगों ने फेसबुक पेज भी बना रखे हैं। टीना डाबी आईएएस नाम का भी प्रोफाइल है, जिसमें टीना डाबी के फोटो अनेक विशिष्ट लोगों के साथ शेयर किए गए है। इन प्रोफाइल पर टीना डाबी के कहे अनमोल वचन दर्शाए गए हैं। कहीं लिखा है कि मैं अपने जीवन के सामने कोई बाधा नहीं आने दूंगी, कहीं केजरीवाल उन्हें बधाई देते नजर आ रहे हैं, तो कहीं वे लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन के साथ खड़ी हैं। कहीं पर वे अपने माता-पिता के साथ हैं, तो कहीं उनकी पिकनिक की तस्वीरें।
एक प्रोफाइल पर टीना डाबी का इंटरव्यू है, जिसमें लिखा है कि वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपना आदर्श मानती हैं। दूूसरे किसी प्रोफाइल पर लिखा है कि बाबा साहब आम्बेडकर मेरे आदर्श है और उन्हीं के कारण मैं आईएएस बन पाई। पिछड़ी जातियों के लिए बाबा साहब आम्बेडकर ने जो कुछ किया, वह प्रशंसनीय है।
ऐसी बातों से लगता है मानो टीना डाबी बाबा साहब आम्बेडकर को कोई प्रमाण पत्र दे रही हैं, लेकिन अब एक अखबार में छपे इंटरव्यू में टीना डाबी ने इस तरह के मैसेज पोस्ट करने वालों की निंदा की है। टीना ने कहा है कि मैं जानती हूं कि मेरे प्रेरणा स्त्रोत कौन है? पीएम नरेन्द्र मोदी निश्चित ही लाखों लोगों को प्रेरित करते हैं, लेकिन क्या आम्बेडकर को आदर्श मानना मेरी मजबूरी इसलिए है कि मैं एससी कैटेगरी से संबंध रखती हूं? आम्बेडकर तो हम सभी के लिए आदरणीय हैं ही।
इसके पहले यूपीएससी के नतीजे आते ही किसी अंकित श्रीवास्तव ने टीना डाबी की कामयाबी पर लिखा था कि मेरे यूपीएससी के परीक्षा में टीना से भी अधिक नंबर आए थे, लेकिन एससी कैटेगरी का नहीं होने से मैं पिछड़ गया। अंकित ने लिखा था- ‘‘टीना का सीएसपी 2015 का स्कोर था 96.66 और मेरा था 103.5 और इतना ही नहीं पेपर-2 में मेरे 127.5 अंक थे और टीना के 97.7।’’ आगे अंकित ने लिखा था- ‘‘आरक्षण व्यवस्था की महिमा कितनी चमत्कारी हैं, इसका एहसास आज हुआ। टीना के माता-पिता दोनों इंजीनियरिंग सेवा के अधिकारी रहे है और वह हम जैसों की तरह सम्पन्न मध्यमवर्ग परिवार से आती है।’’ अंकित ने अपनी इस पोस्ट के साथ अपनी और टीना की मार्कशीट भी पोस्ट की थी। जिसे देखते ही देखते आठ हजार से ज्यादा शेयर और पांच हजार से ज्यादा लाइक्स मिल चुके थे। अनेक लोगों ने आपत्ति की, तो अंकित की वह पोस्ट फेसबुक ने हटा दी। इसके बाद फिर अंकित ने एक पोस्ट लिखी।

अंकित श्रीवास्तव की इस हरकत का सोशल मीडिया पर जमकर विरोध हुआ। नीलोत्पल मृणाल ने अपने पोस्ट में लिखा कि एक आईएएस टॉपर को लेकर देशभर में जातिवाद फैलाना कौन-सी अच्छी बात है। नीलोत्पल ने टीना डाबी को लिखी चिट्ठी में यह भाव व्यक्त किया कि अब तक तो तुम एक मेधावी छात्रा के रूप में ही जानी जाती रही हो, लेकिन अब लोग तुम्हें एक दलित मेधावी छात्रा के रूप में जान रहे हैं। कल तक जो लोग तुम्हें राजपूत, जाट या ईसाई बता रहे थे, वह आज खुश है कि उन्हें आपकी जाति पता चल गई हैं। क्या तुम्हें पता है कि तुम एक टैलेंटेड छात्रा के अलावा दलित छात्रा भी हो? तुम दलित हो इसलिए किसी दोस्त की बर्थ-डे पार्टी में कोई तुम्हारे गाल पर केक नहीं लगाता होगा और तुम्हें जो कोल्डड्रिंक पीने को दिया जाता होगा, उसे किसी अलग ग्लास में दिया जाता होगा। तुम अपनी पढ़ाई के वक्त सावित्री फूले और आम्बेडकर की तस्वीर सामने लगाकर इस प्रण के साथ पढ़ाई करती होगी कि मुझे आम्बेडकर और फूले के सपनों के लिए पढ़ना है। मुझे पांच हजार साल की जलालत का बदला लेना है। मैं दलित हूं, मुझे टॉप करके जवाब देना है इतिहास को... अब तुम जहां जाओ, वहां तुम्हारी पहली पहचान तुम्हारी जाति की होगी। टीना प्लीज इतना ऊंचा जाकर दलित न बनना।
सोशल मीडिया पर टीना डाबी को लेकर तरह-तरह की टिप्पणियां और पोस्ट अभी भी जारी हैं। इससे टीना को तो कोई फर्क नहीं पड़ने वाला, लेकिन लोग अपनी मानसिकता जरूर उजागर कर रहे है।
21 may 2016