
उड़ता पंजाब के हीरो शाहिद कपूर ने सोशल मीडिया पर केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड का वह सर्टिफिकेट जारी किया है, जिसमें उड़ता पंजाब को ए प्रमाण पत्र दिया गया है। विशेष बात यह है कि इस प्रमाण पत्र पर लिखा हुआ है ‘माननीय मुंबई उच्च न्यायालय द्वारा पास’। इस सर्टिफिकेट पर उड़ता पंजाब के बारे में आदेश देने वाले जस्टिस सत्यरंजन धर्माधिकारी और जस्टिस शालिनी फानसकर का नाम भी लिखा है। इस पोस्ट पर फिल्म के निर्माता बालाजी मोशन पिक्चर्स ने भी लाइक और रि-ट्वीट किया है। साथ ही लिखा है उड़ता पंजाब को आखिर उड़ता प्रमाण पत्र मिल ही गया। पहलाज निहलानी इस फिल्म को 89 कट के साथ जारी करना चाहते थे, लेकिन मुंबई उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद इसे केवल एक कट के साथ प्रमाण पत्र दिया गया।
अनुराग कश्यप ने इस फिल्म के बहाने पहलाज निहलानी पर निशाना साध लिया है। वे चाहते हैं कि पहलाज निहलानी फिल्म प्रमाणन बोर्ड से ही हट जाएं। लगभग पूरा फिल्म जगत अनुराग कश्यप के साथ खड़ा हैं। पहलाज निहलानी की हर जगह थू-थू हो रही हैं। इसमें पहलाज निहलानी का भी योगदान कम नहीं है, जिन्होंने कहा था कि हां, मैं मोदी का चमचा हूं। दरअसल संवाददाता ने निहलानी से पूछा था कि लोग कहते हैं कि मोदी के चमचे हैं। इस पर आप क्या कहेंगे? चिढ़े हुए पहलाज निहलानी ने कह दिया, हां मैं मोदी का चमचा हूं। और फिर यहीं बात अखबारों का शीर्षक बन गई।
पहलाज निहलानी सोशल मीडिया पर न केवल आलोचना के पात्र बने हुए है, बल्कि उन पर दर्जनों कार्टून भी बन चुके हैं और लगातार बन रहे हैं। यह कहा जा रहा है कि पहलाज निहलानी ने फिल्म उड़ता पंजाब के प्रचार का ठेका लिया हुआ था और बिना भुगतान के उन्होंने इस फिल्म को अपार पब्लिसिटी दिलवा दी। यह भी कहा जा रहा है कि पहलाज निहलानी ने एक पब्लिसिटी कंपनी खोल रखी है, जिसका नाम फिल्म प्रमाणन बोर्ड हैं और इस कंपनी के माध्यम से वे फिल्मों का प्रचार करते हैं। पहलाज निहलानी के ‘संस्कारी सेंसर बोर्ड’ को लेकर भी अनेक कार्टून बन रहे हैं। पहलाज निहलानी ने टाइम्स नाउ के अरनब गोस्वामी के शो में आने से मना करके आलोचनाओं का मौका दिया।
इसी बीच उड़ता पंजाब फिल्म के कुछ दृश्यों के लीक होने और सोशल मीडिया पर आ जाने के कारण भी पहलाज निहलानी पर आरोप लगे। कुछ लोगों ने यह भी शंका जताई कि यह तो फिल्म के निर्माताओं की चाल लगती हैं, क्योंकि इससे फिल्म को अतिरिक्त प्रचार मिल गया। आलिया भट्ट ने ट्विटर पर लिखा कि कृपया उड़ता पंजाब के लीक हुए वीडियो क्लीप्स न देखे और फिल्म को देखने के लिए सिनेमाघरों में जाए। हमारी दो साल की मेहनत को बर्बाद न होने दें। इस फिल्म का असली मजा सिनेमाघर में ही है। फिल्म के पक्ष में बॉलीवुड के लोग लिख रहे है कि बगैर फिल्म देखे फिल्म पर टिप्पणी न करें।
बॉलीवुड के अनेक लोगों ने फिल्म प्रमाणन बोर्ड के सभी लोगों को निकालने की बात भी लिखी है। उनका मानना है कि फिल्म उड़ता पंजाब के वीडियो को जान-बूझकर सोशल मीडिया पर लीक किया गया है। हाल यह है कि पूरी फिल्म ही सोशल मीडिया पर देखी जा सकती है। इस बीच एक एनजीओ भी मैदान में कूदा, जिसने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की कि उड़ता पंजाब फिल्म को प्रदर्शन से रोका जाए। सर्वोच्च न्यायालय ने उस याचिका को खारिज कर दिया। कुल मिलाकर उड़ता पंजाब को लेकर सोशल मीडिया में जो सक्रियता देखने को मिली, वैसी कम ही देखने को मिली थी।
ऐसे लोग भी है, जो मानते हैं फिल्म उड़ता पंजाब को मीडिया की बहुत ज्यादा हाइप मिल गई है। इससे दर्शकों के मन में फिल्म के प्रति अपेक्षाएं बहुत ज्यादा बढ़ चुकी हैं। किसी भी फिल्म के लिए यह अच्छी बात नहीं कहीं जा सकती। बॉलीवुड की दर्जनों फिल्में ओवर हाइप की वजह से बॉक्स ऑफिस पर लुढ़क गई। अनुराग कश्यप इस फिल्म पर हुए विवाद के बाद चर्चा में है और खुश भी हैं कि उड़ता पंजाब के बहाने पूरा फिल्म उद्योग एक साथ खड़ा हो गया है। यहां तक कि अमिताभ बच्चन और अनुपम खैर भी उड़ता पंजाब के पक्ष में खुलकर सामने आए हैं। फिल्म की पब्लिसिटी करने वाली कंपनी ने तो सोशल मीडिया पर इस तरह के सर्वे भी शुरू कर दिए है कि फिल्म तीन दिन में कितना बिजनेस करेगी। चर्चा तो यह भी है कि इस फिल्म की कामयाबी को लेकर भी सट्टे लग रहे हैं। पहलाज निहलानी कितने दिन और फिल्म प्रमाणन बोर्ड में बने रहते हैं। यह देखने वाली बात होगी।

18 June 2016