
आज रूप चौदस है। महिलाओं के लिए सजने-संवरने का दिन। भारत में गोरे रंग को ही सौंदर्य का पैमाना माना जाता रहा है। जिन लोगों का रंग थोड़ा भी सावला या गेहुआं होता है, वे अपनी त्वचा को गोरा बनाने के लिए तरह-तरह की क्रीम का उपयोग करते हैं। त्वचा की ब्लीचिंग भी एक तरीका माना जाता है, गोरा बनने का। गोरा न होने से कई लोगों को कॉम्पलेक्स आ जाता है और वे गोरा बनने के लिए जी तोड़ मेहनत करते है और धन भी लगाते है। अन्य देशों में भी कुछ ऐसी ही धारणा है। महिलाएं हो या पुरूष सभी अपनी त्वचा को गोरा बनाने में जुटे रहते है। माइकल जैक्सन जैसे अश्वेत गायक ने तो तरह-तरह के जतन किए थे अपनी त्वचा को गोरा करने के लिए, लेकिन अब दुनिया बदल रही है। अब श्यामवर्ण के लोग भी अपनी त्वचा पर फख करते नजर आते हैं।

वैसे तो मॉडलिंग की दुनिया में अश्वेत मॉडल कम नहीं है। टायरा ब्लैंक, बेवर्ली जॉनसन, नियोमी कैम्पबेल, नियोमी सिम्स, किमोरा ली सिमोस, डेनी इवन्स, टोकारा जोन्स, किडिडा जोन्स, याया डोकोस्टा आदि एक से बढ़कर एक सुपर मॉडल्स हैं। जेसिका व्हाइट का नाम भले ही व्हाइट हो, लेकिन हैं वे भी अफ्रीकी मूल की अश्वेत मॉडल। ब्रिटेन हो या फ्रांस, अमेरिका हो या जर्मनी सभी जगह अफ्रीकी मूल की ये अश्वेत मॉडल अपना जलवा बिखेरती हैं। अब इस दुनिया में अफ्रीकी मूल की एक नई जबरदस्त मॉडल आई हैं। सेनेगल की निवासी 19 साल की खोदिया डिओप फेसबुक और इंस्टाग्राम पर इतनी पॉपुलर हुई कि मॉडलिंग की दुनिया ने उन्हें हाथों हाथ ले लिया। अब वे मशहूर मॉडल के रूप में पहचानी जाती हैं।

खोदिया डिओप अश्वेत हैं, लेकिन उनका रंग गेहुआं नहीं है। वे पूरी तरह श्यामवर्ण है। श्यामवर्ण भी ऐसी कि लोग उन्हें ‘कोलतार ब्लैक (डामर सी काली)’ मानते हैं। स्कूल के दिनों में उनकी सहपाठी उनके रंग को लेकर चिढ़ाती थीं। वैसे तो स्कूल में और भी अश्वेत लड़कियां थी, लेकिन खोदिया डिओप कुछ ज्यादा ही श्यामवर्ण थी। श्यामवर्ण ऐसी की उनके दांत और आंखों के सफेद भाग को छोड़कर सभी कुछ श्यामवर्ण है। मजाक में बच्चे कहते थे कि अगर वह रात को बाहर निकले और अपनी आंखें और मुंह बंद रखे, तो लोग उसे अदृश्य ही मानेंगे।

खोदिया डिओप को इस बात को गंभीरता से लिया। उन्हें बुरा तो लगता था, लेकिन उन्हें अपने रंग से कोई शिकायत नहीं थी। पूरी जिंदगी में उन्होंने कोई ऐसा सौंदर्य प्रसाधन नहीं अपनाया, जिससे उनके श्यामवर्ण में कुछ कमी आए। उनका फॉर्मूला यह था कि अगर आप औरों से अलग है और आपको इसमें शर्मिंदगी नहीं है, तब आप उस बात का खुलकर जश्न मनाइये। यही अलग होना आपके लिए यूएसपी है। यही आपका विशेष गुण है और लोग उसे स्वीकार करने लगेंगे।

खोदिया डिओप आजकल पेरिस में रहती हैं, जिसे फैशन के मामले में दुनिया की राजधानी कहा जाता है। दो साल पहले ही उन्होंने मॉडलिंग शुरू की। एक मशहूर मॉडल ने जब उन्हें देखा और महसूस किया कि उनका रंग उनकी कोई कमजोरी नहीं, बल्कि खूबी है। वह पुरूष मॉडल उन्हें अपने मॉडल को-आर्डिनेटर दोस्त से मिलाने ले गया। खास रंग के अलावा उन्होंने खोदिया डिओप में एक सुपर मॉडल की सभी खूबियां पाई और उनके पास मॉडलिंग के प्रस्ताव आने लगे।
सोशल मीडिया पर खोदिया डिओप ने अपनी सुंदर तस्वीरें पोस्ट करना शुरू की। देखते ही देखते उनके प्रशंसकों की संख्या लाखों में हो गई। इंस्टाग्राम पर उनके चाहने वालों की संख्या लगभग ढाई लाख हो गई है। फेसबुक पेज पर उनके चाहने वाले भी लाखों में है और ट्विटर पर उनके नाम से अनेक लोगों ने फर्जी अकाउंट में खोल रखे है। इन फर्जी अकाउंट में से कई लोग अपने आप को मॉडलिंग की दुनिया का सरताज बताना नहीं भूलते।

मॉडलिंग की दुनिया में आज खोदिया डिओप को मोस्ट ब्यूटीफूल एंड ब्लैकी मॉडल के रूप में जाना जाता है। आज हर तरफ उनकी वाहवाही हो रही है, लेकिन जब तमाम लोग उनके रंग का उपहास करते थे, तब भी वे एकदम अविचलित रहती थीं। बिना किसी मानसिक दबाव के। दुनिया का कोई भी ऐसा प्रमुख अखबार नहीं होगा, जिसने उनके बारे में कुछ प्रकाशित नहीं किया हो। कुछ अखबारों ने उन्हें मेलानिन गॉडेस भी लिखा है। मेलानिन वह पिगमेंट है, जो हमारे बालों को काला रंग प्रदान करता है। कई अखबारों ने तो उन्हें अफ्रीका मूल की सबसे गहरे रंग की मॉडल भी लिखा। उन्हें लोग मेलानिन गॉडेस के अलावा चारकोल ब्लैक ब्यूटी, डार्की, डॉटर ऑफ नाइट, मदर ऑफ स्टार्स जैसी संज्ञा देते रहे है।

सोशल मीडिया पर उनका जिक्र करने के पहले जिस तरह के हैशटैग प्रचलित है, उनमें ब्लैक गर्ल मैजिक, फ्लेमिंगी कॉम्पलेक्शन, डार्क चॉकलेट आदि प्रमुख है। यू-ट्यूब पर मौजूद उनके वीडियो में इस बात की चर्चा है कि वे अपने रंग से सौंदर्य की अलग ही परिभाषा गढ़ती हैं। अफ्रीकन संगीत में भी ऐसे रंग की महिलाओं का जिक्र है।

29 Oct 2016