
1 नवंबर को छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ के दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नंदन वन सफारी में बाघ के साथ सेल्फी क्या ले ली, सोशल मीडिया पर लोग दीवाने हो गए। तरह-तरह के ट्विटर संदेश और फेसबुक पोस्ट शेयर होने लगे, जिनमें से कई तो वायरल हो गए। कुछ गंभीर किस्म के कमेंट्स भी आए, जिसमें कवि केदारनाथ अग्रवाल की कविता की पंक्तियां भी लोगों ने शेयर की। कई लोगों ने इस मौके पर बाघ को बचाने की योजना का जिक्र करना उचित समझा और कई ने सेव टाइगर प्रोजेक्ट की सफलता और विफलता का आकलन कर डाला।
कुछ लोगों ने तो अतीत के पन्ने पलटकर पंडित जवाहर लाल नेहरू की वह तस्वीर भी निकाल ली, जिसमें वे बाघ के एक छोटे बच्चे के साथ खेल रहे हैं। अगर आज के हालात में नरेन्द्र मोदी ऐसी कोई हरकत करते तो वन संरक्षण कार्यकर्ता और बाघ बचाओ मुहिम में जुटे लोग उन पर पिल पड़ते और मेनका गांधी तो न जाने क्या कदम उठा लेती। बाघ के बच्चे के साथ खेलते जवाहर लाल नेहरू की तस्वीर ट्विटर पर शेयर करते हुए एक संदेश इस तरह का भी आया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के सबसे पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की जीवनशैली की नकल करते हैं। संदेश लिखने वाले ने मोदी जैकेट को भी नेहरू जैकेट की नकल करार दिया।

प्रधानमंत्री के पास ऐसे मौके शायद ही कभी आते हैं, जब वे अपनी व्यस्त दिनचर्या में से समय निकालकर जंगल सफारी जैसे अभियान में निकल पड़े हों। बाघ के सामने से गुजरते हुए प्रधानमंत्री मोदी को अचानक रोमांच हो आया, जब उन्होंने सफारी की जाली के उस तरफ शानदार बाघ को देखा। उन्होंने तत्काल कैमरा थामा और बाघ की फोटो लेने लगे। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमण सिंह साथ ही थे, उन्होंने भी इस मौके को दुर्लभ मान नरेन्द्र मोदी और बाघ के फोटो अपने मोबाइल से लिए। फोटोग्राफर्स और कैमलापर्सन्स की टीम पीछे ही चल रही थी, उन्हें भी इस मौके पर दुर्लभ तस्वीरें लेने का अवसर प्राप्त हुआ और अखबारों को भी प्रधानमंत्री एक समान फोटो छापने के बजाय कुछ अलग तरह के फोटो नसीब हुए।

सबसे ज्यादा मजा आया फोटोशॉप पर कलाकारी करने वाले लोगों को। फोटोशॉप के जरिये उस तस्वीर के साथ लोगों ने छेड़छाड़ करके ऐसी-ऐसी तस्वीरें बना डाली और उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया, जिन्हें देखते ही लोग बरबस ठहाके लगाने लगे। किसी ने लोहे की जाली के पीछे असली टाइगर के बजाय टाइगर श्राफ का फोटो लगा दिया, तो किसी ने केजरीवाल, तो किसी ने नवाज शरीफ को बिठा दिया। एक तस्वीर में तो किसी ने एक गधे की ‘तशरीफ’ पर एफ16 लिखकर शीर्षक दे दिया कि प्रधानमंत्री पाकिस्तान के एफ16 की शूटिंग कर रहे हैं। सिमी आतंकवादियों की मुठभेड़ का हवाला देकर एक तथाकथित धर्मनिरपेक्ष ने तो यह भी लिख दिया कि प्रधानमंत्री मोदी जाली के उस तरफ खड़ी मध्यप्रदेश की उस पुलिस की तस्वीर ले रहे हैं, जो जन्नत में हूरों के सपने देखने वालों को ठिकाने लगा रही है। अरविन्द केजरीवाल के नाम से किसी ने मजाक किया कि नरेन्द्र मोदी उस बाघ को ट्रेनिंग दे रहे हैं, ताकि वह मेरा कत्ल कर सके।
एक पोस्ट पर तो किसी ने मोदी और टाइगर के बीच का काल्पनिक संवाद भी लिख दिया, जिसमें टाइगर कह रहा है कि अरे यह क्या मोदीजी, लोग तो आपकी तस्वीर खींचते रहते है, लेकिन आज आपने ही कैमरा पकड़ लिया। जवाब में मोदीजी कह रहे है कि हां, भई मैं तुम्हारी सवारी करना चाहता था, पर अब उसकी जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि मैं अरनब गोस्वामी की सवारी से ही काम चला लूंगा। मोदी के समर्थकों की संख्या ट्विटर पर दो करोड़ 40 लाख तक पहुंच गई है, उनमें से एक ने उस चित्र को शेयर करते हुए लिखा है कि दो टाइगर आमने-सामने। मोदीजी जिंदाबाद। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खुद अपने ट्विटर अकाउंट पर बाघ की तस्वीर के साथ अपना फोटो शेयर किया है और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमण सिंह को इस यादगार यात्रा के लिए धन्यवाद दिया।
05 Nov 2016