
हम हिन्दीभाषियों का परिहास बोध भी विलक्षण है। दुनिया में सबसे ज्यादा हिन्दी भाषी भारत में ही रहते है (मॉरिशस, सूरीनाम, फिजी, गुयाना, नेपाल आदि में भी हिन्दीभाषी रहते है) और सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता बहुत मायने रखती है। खास बात यह है कि ये हिन्दीभाषी देश, काल और परिस्थिति के अनुसार गंभीर बाते तो शेयर करते ही हैं, हंसी-मजाक में ऐसी बातें भी कह जाते हैं, जो यादगार होती है। श्री राजेन्द्र माथुर कहते थे कि अगर यह जानना हो कि कोई समाज कितना जीवंत है, तो उसके परिहास बोध पर नजर डालो।
वेलेंटाइन डे मनाने के मामले में हम भारतीय सौभाग्यशाली हैं कि पाकिस्तान की तरह यहां किसी कोर्ट ने वेलेंटाइन डे मनाने पर रोक नहीं लगाई। कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा वेलेंटाइन मना रहे जोड़ों के साथ जबरदस्ती की कोशिश जरूर हुई, लेकिन उसके जवाब में दिल्ली विश्वविद्यालय में ‘लव विदाउट फियर’ जैसे अभियानों का आयोजन भी हुआ। वैसे भी ‘प्यार करने वाले किसी से डरते नहीं, जो डरते है वे प्यार करते नहीं’।

छत्तीसगढ़ की सरकार ने वेलेंटाइन डे के बजाय माता-पिता पूजन दिवस मनाने का फरमान जारी किया। कुछ ऐसा ही फरमान छिंदवाड़ा के उत्साहीलाल कलेक्टर ने भी लिखित में जारी कर दिया। इसके बावजूद युवाओं ने अपनी तरह से वेलेंटाइन डे मनाया। यहां तक कि संस्कृत विद्यापीठ के छात्रों और प्रोफेसरों ने संस्कृत में प्रेम गीत गाकर वेलेंटाइन डे मनाया और इस बात को गलत साबित किया कि वेलेंटाइन डे केवल पाश्चात्य सभ्यता वालों के लिए है। कभी लव गुरू के नाम से मशहूर हुए प्रोफेसर मटुकनाथ और उनकी प्रेमिका जूली के बिना वेलेंटाइन डे नहीं मनता था, लेकिन इस बार उनका कहीं चर्चा नहीं हुआ। हां, इस बार बिहार और झारखंड में लोगों ने दशरथ मांझी को जरूर याद किया। 14 फरवरी को ही दिल्ली में अरविन्द केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसलिए सोशल मीडिया पर लोगों ने उन्हें भी याद किया।
वेलेंटाइन डे मनाने से रोकने वालों ने भी अपने तरीके से तैयारियां की थी। उन्होंने रियायती मूल्य पर गधों को खिलाने के लिए गुलाब जामुन का स्टॉक किया था। एक मशहूर इंदौरीलाल ने तो सोशल मीडिया पर वेलेंटाइन डे की रिपोर्ट ही चुनावी तरीके से डाल दी। दिन में 11 बजकर 48 मिनिट पर उन्होंने रिपोर्ट लिखी कि अभी तक देश में 23 प्रतिशत वेलेंटाइन डे मना और विश्वास है कि शाम तक इसका प्रतिशत बढ़ जाएगा। उन्होंने यह भी रिपोर्ट की कि मुंबई, गोवा और चंडीगढ़ में क्रमश: 30, 18 और 15 प्रतिशत छोरा-छोरी कन्वर्टेट वेलेंटाइन बन गए है। विवाहित लोगों ने घर में पति-पत्नी को हैप्पी वेलेंटाइन डे बोलने की औपचारिकता और टोकन गिफ्ट थमाने का संस्कार सुबह ही निपटा दिया है।

किसी ने लिखा कि वेलेंटाइन डे के उपलक्ष्य में फेसबुक पर जोड़े अपने फोटो ऐसे शेयर कर रहे है कि मानो अगर आज चूक गए, तो बाबा वेलेंटाइन उनके ब्याव का रजिस्ट्रेशन ही कैंसल कर देंगे। किसी ने लिखा कि आज पेâसबुक खोलते ही बहुत से मित्र, भाई और रिश्तेदार जो चौदहवी का चांद हो गए थे, भाभी के साथ दीदार कराने आ गए।
किसी ने रिपोर्ट की कि वेलेंटाइन डे नजदीक आते ही ब्यूटी पार्लर में जबरदस्त भीड़ बढ़ जाती है। जो युवक सुबह से वेलेंटाइन डे के लिए उत्साहित होते है, शाम तक मुंह लटकाए नजर आते हैं और कहते है कि बहुत पैसे खर्च हो गए मगर उपलब्धि कुछ नहीं हुई। कई नौजवान ऐसे होते है, जिन्हें लगता है कि अगर वे स्प्लेंडर को बार-बार कपड़ा मारेंगे, तो वह पल्सर बन जाएगी। किसी ने अखिलेश यादव और डिंपल यादव की प्रेम कहानी को यूपी की सबसे महान प्रेम कहानी भी बताया। अनेक लोगों ने देश के सबसे पुराने जिले बिहार के पूर्णिया की कहानी भी शेयर की, जिसकी स्थापना 14 फरवरी 1770 को हुई थी। तत्कालीन अंग्रेज कलेक्टर गेरार्ड डुकरैल और वहां की एक आदिवासी महिला की कहानी भी बताई।
शाम होते-होते किसी ने लिखा कि आज मैंने हिम्मत करके एक लड़की को प्रपोज किया कि वह चुड़ैल बोली- वेलेंटाइन डे और फ्रेंडशिप डे की डेट निकल गई है, अब तो केवल राखी के फॉर्म भरे जा रहे है। एक उत्साही व्यक्ति ने तो आगामी वर्ष के लिए वेलेंटाइन फॉर्म भरवाना भी शुरू कर दिया। उसका दावा था कि इस फॉर्म को आधार कार्ड से लिंक कर दिया गया है, जिस कारण हर कोई व्यक्ति वेलेंटाइन डे मना सकेगा, क्योंकि हर एक को प्रेमी या प्रेमिका उपलब्ध कराई जाएगी। हिन्दीभाषियों की खूबी है कि वे विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में भी हास-परिहास के मौके खोज ही लेते है और तनावों से मुक्ति पाने का प्रयास करते है।