
अमेजान के संस्थापक हैं जैफ बेजोस, जो बिल गेट्स के बाद विश्व के दूसरे सबसे धनी व्यक्ति हैं। 2016 में उनकी कंपनियों का टर्न ओवर भारतीय मुद्रा में करीब सवा नौ लाख करोड़ रुपए था। दो लाख से ज्यादा कर्मचारी उनके कंपनी में काम करते है। दुनिया के लगभग सभी देशों में अमेजान की उपस्थिति महत्वपूर्ण है। भारत में भी अमेजान अच्छा कारोबार कर रही है और वह दिन दुगना, रात चौगुना बढ़ रहा है।
जैफ बेजोस ट्विटर पर भी सक्रिय हैं, पर वे ट्विटर पर किसी को फॉलो नहीं करते। अब तक कुल जमा 106 ट्वीट ही कर पाए है, फिर भी करीब ढाई लाख फॉलोअर्स ट्विटर पर रखते हैं। पिछले दिनों उन्होंने ट्विटर पर अपने फॉलोअर से सलाह ली कि वे भी बिल गेट्स की तरह चैरिटी का काम करना चाहते हैं, पर उन्हें समझ में नहीं आ रहा है कि धन कहां लगाएं। उन्होंने अपने फॉलोअर्स से अनुरोध किया है कि वे अपने आइडियाज ट्विटर पर शेयर करें। 53 साल के जैफ बेजोस करीब साढ़े पांच लाख करोड़ रुपए के मालिक हैं और अब सेवा कार्य भी करना चाहते हैं।
जैफ बेजोस चाहते हैं कि वे समाजसेवा के लिए कोई ऐसी रणनीति बनाएं और उसमें पैसा निवेश करें, जिससे कि दुनिया के लोगों को तत्काल और महत्वपूर्ण राहत मिल सकें। यह राहत शार्ट टर्म की भी हो सकती है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा है कि किसी के पास भी कोई भी आइडिया हो, तो मुझे ट्वीट करें। अगर आप मुझसे सहमत नहीं है, तब भी मुझे ट्वीट कर सकते है। जरूरी नहीं कि मेरे और आपके विचार एक जैसे ही हो। जैफ बेजोस ने अपनी कंपनी के मुख्यालय के पास ही बेघर लोगों के लिए एक केन्द्र बनाया है।

बिल गेट्स और मार्क जुकरबर्ग के रास्ते पर जाने वाले जैफ बेजोस के इस ट्वीट को लेकर दुनियाभर में लोग अचरज कर रहे है। अनेक लोगों का कहना है कि जैफ बेजोस ने यह सारी संपत्ति अपने कर्मचारियों का शोषण करके कमाई है और अब वे पश्चाताप करना चाहते है। अमेजान कंपनी की कार्य दशाओं के बारे में भी अकसर खबरें आती रहती है। इस तरह की खबरें भी लगातार आती रही है कि जैफ बेजोस की कंपनी टैक्स बचाने के लिए ऐसे कार्य करती रही है, जो नैतिकता की सीमाओं को लांघते है।
जैफ बेजोस ने यह नहीं बताया कि वे कितना पैसा दान करना चाहते हैं या कितनी पूंजी से कोई नया सोशल वेंचर शुरू करना चाहते है। जैफ बेजोस ने खुद अपने जीवन में बहुत संघर्ष किए है, जब वे पैदा हुए, तब उनकी मां बालिग भी नहीं हुई थी। 18 साल के थे, तभी उनके पिता उन्हें बेसहारा छोड़कर चले गए। नाना के यहां रहकर उन्होंने पढ़ाई की और नई टेक्नोलॉजी से परिचित हुए। फिर घर के गैरेज में ऑनलाइन बिजनेस करने की शुरूआत की। दुनिया को यह बताया कि सामान खरीदने के लिए अब बाजार या मॉल में जाने की जरूरत नहीं है, तकनीक इतनी विकसित हो गई है कि आप घर बैठे कोई माल खरीद सकते हैं।
आज अमेजान दुनिया की सबसे बड़ी ऑनलाइन रिटेलर कंपनी है और जैफ बेजोस ने बिजनेस करने के नए-नए फॉर्मूले इजाद किए है। उनका एक सबसे सफल फॉर्मूला है, न्यूनतम मुनाफे में अधिकतम सामान की बिक्री। एक और फॉर्मूला है, दीर्घकालिक सोच और न्यूनतम पश्चाताप। एक और फॉर्मूला है, तात्कालिक फायदे के पीछे मत भागो। नया काम करना सफल होने का सबसे आसान रास्ता है, यह विचार जैफ बेजोस का ही है और उन्होंने इसे अपनाया।
अपने अनुभव के बारे में वे कहते है कि हम लोग बहुत से अंधेरे रास्ते पर चलते रहते है और कभी कभार ऐसी चीज खोज लेते है, जो सचमुच में हमें कामयाब बना देती है। अगर आप बिजनेस करते है, तो आपके ग्राहक की सेवा ही सबसे ऊपर है। अगर आपका ग्राहक खुश है, तभी वह दोबारा आपके पास सामान लेने आ सकता है।
19 जुलाई 1995 को उन्होंने केडेब्रा.कॉम नामक कंपनी शुरू की थी, जिसका नाम बदलकर दुनिया की सबसे बड़ी नदी अमेजान के नाम पर रख दिया, क्योंकि वे दुनिया की सबसे बड़ी ऑनलाइन बुकशॉप खोलना चाहते थे। आज वे किताबों के साथ लगभग सभी उपभोक्ता सामग्री लोगों को घर बैठे उपलब्ध करा रहे है। अमेजान पर करीब एक करोड़ किताबें लिस्टेड है। उनकी कंपनी का पहला ऑर्डर कुछ किताबों का था, जिसे उन्होंने खुद पैक करके कोरियर से भेजा था। 1999 में टाइम पत्रिका ने उन्हें मैन ऑफ द ईयर चुना था।
16 जून, गुरुवार को जैफ बेजोस ने एक ट्वीट में पूरी दुनिया में उनकी और उनकी कंपनी के बारे में राय बदल दी। जिस ट्वीट में उन्होंने लोगों से सलाह चाही थी, वह ट्वीट दुनिया के सबसे बड़े अखबारों में भी प्रमुख खबर के रूप में प्रकाशित हुआ। जैफ बेजोस व्यापारिक बुद्धिवाले व्यक्ति है और वे जानते है कि धन का उपयोग किस तरह करना चाहिए। यह देखना दिलचस्प होगा कि वे हजारों सलाहों में से किस सलाह को मानते है और कितना धन गरीब लोगों की मदद के लिए उपलब्ध कराते है।