
केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले दिनों ट्विटर पर लिख दिया था - ‘ऑल कश्मीरीज ऑर नॉट टेररिस्ट’। इस पर सोशल मीडिया में भूचाल सा आ गया है। गृहमंत्री की बात कुछ लोगों को इतनी नागवार गुजरी कि उन्होंने गृहमंत्री को ही ट्रोल करना शुरू कर दिया। बचाव में भाजपा के कई नेताओं को आना पड़ा।
ट्विटर पर कश्मीर के लोगों के बारे में आपत्तिजनक बातें लिखने वालों के जवाब में केन्द्रीय गृहमंत्री ने यह टिप्पणी लिखी थी। अमरनाथ यात्रियों पर हुए हमले और हमले की शिकार हुई बस के ड्राइवर को लेकर कई बातें सोशल मीडिया पर लिखी जा रही थी। गृहमंत्री ने बस यात्रियों पर हुए हमले की निंदा करते हुए लिखा था कि बस के ड्राइवर ने यह साबित कर दिया कि कश्मीरियत की भावना अभी भी जिंदा है।
सोशल मीडिया के कुछ यूजर्स ने इस पर भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी की पाकिस्तान यात्रा का जिक्र किया और कहा कि राजनाथ सिंह भी उसी पार्टी के हैं, जिस पर के नेता पाकिस्तान जाकर जिन्ना की मजार पर मत्था टेकते हैं। केन्द्रीय गृहमंत्री का असली पद तो ‘कड़ी निंदा मंत्री’ है। कड़ी निंदा के अलावा वे करते भी क्या हैं? कभी-कभी वे ‘बेहद कड़ी निंदा’ कर देते हैं।

राजनाथ सिंह के समर्थन में भाजपा के कई नेताओं को सामने आना पड़ा, उन्होंने लिखा कि राजनाथ सिंह भारत सरकार के जिम्मेदार मंत्री हैं। वे कोई भी ऐसी-वैसी बात नहीं कह सकते। भाजपा के ही नेता बलबीर पुंज ने इस पर लिखा कि राजनाथ सिंह जी को बधाई, जिन्होंने एक आम कश्मीरी और कश्मीर में हिंसा भड़काने वाले तत्वों को अलग-अलग करके अपनी बात कही। पूरा देश ही आतंक के खिलाफ है।
बलबीर पुंज के ट्वीट पर भी लोगों ने तीखे कमेंट किए। उन्होंने कहा कि कश्मीरियत के आंदोलन के बारे में क्या कहेंगे गृहमंत्री जी? उन कायर लोगों को सबक क्यों नहीं सीखाते? क्या अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आपकी नहीं थी, जो आप ट्वीट करके छुट्टी पा लेना चाहते हो?
ट्विटर पर एक यूजर ने लिखा कि सर, ट्वीटबाजी करना छोड़िए और अपना काम गंभीरता से कीजिए। पाक-पाकिस्तान समर्थित आतंक को काबू में रखिए और अपने विभाग की जिम्मेदारी गंभीरता से निभाईए। बाद में इनमें से कई लोगों ने अपने ट्वीट डिलीट कर दिए। ऐसा पहली बार हुआ है, जब सोशल मीडिया पर केन्द्रीय गृहमंत्री के बारे में इस तरह के तीखे विचार सामने आए हैं।
17 July 2017