
मेनहट्टन, अमेरिका में एक जज ने फैसला दिया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ट्विटर पर अपने सरकारी हैंडल पर किसी को भी ब्लॉक नहीं कर सकते। अपने फैसला में जज ने लिखा है कि राष्ट्रपति के ट्विटर हैंडल पर किसी को ब्लॉक करना गैरसंवैधानिक होगा।
अमेरिकी जज का मानना है कि राष्ट्रपति का ट्विटर हैंडल सार्वजनिक और सरकारी संपत्ति है। वहां किसी को भी अपनी राय व्यक्त करने का अधिकार है। ऐसे में किसी को ब्लॉक करने का अर्थ है, उसकी अभिव्यक्ति में रूकावट डालना।
ट्रम्प द्वारा ट्विटर पर लोगों को ब्लॉक किए जाने के विरूद्ध कोलंबिया विश्वविद्यालय के नाइट फस्र्ट अमेंडमेंट इंस्टीट्यूट ने मामला दायर किया था। याचिकाकर्ता की दलील थी कि राष्ट्रपति के विचारों पर असहमत होना लोगों का अधिकार है और विरोधियों को इस तरह ब्लॉक करना मर्यादा का तो उल्लंघन है ही। नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों पर भी रोक है। इसीलिए यह संवैधानिक नहीं है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ट्विटर पर बहुत एक्टिव है और वे अक्सर ट्वीट करते रहते हैं। यहां तक कि उन्होंने ट्विटर को अपना ऑफिशियल प्रवक्ता भी बना रखा है। उनके ट्वीट से कई बार विवाद खड़े हो जाते है।

डोनाल्ड ट्रम्प को कितने लोगों को ब्लॉक किया है, इस बारे में व्हॉइट हाउस के प्रवक्ता ने कोई भी जानकारी देने से इनकार करते हुए कहा कि यह बात केवल राष्ट्रपति ट्रम्प ही जानते है। अभी ट्रम्प के ट्विटर पर 5 करोड़ 20 लाख से अधिक फॉलोअर है और वे सभी ट्वीट के जरिये ट्रम्प तक अपनी बात पहुंचा सकते है। कई लोग ऐसे भी है, जो ट्रम्प को भद्दे और अश्लील संदेश भी भेजते है।
बुधवार को ट्विटर पर एक यूजर मिस बकवाल्टर पोजा ने लिखा - ‘मैंने राष्ट्रपति ट्रम्प पर मुकदमा किया और मैं जीत गई।’
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्विटर पर कई लोगों को उनके ट्वीट के जवाब भी देते रहते है। उसके प्रत्युत्तर में कई लोग निजी बातें भी करते है और कई लोग आरोप प्रत्यारोप भी लगाते है। कई लोग बहुत छोटे-छोटे से मामले राष्ट्रपति तक ले जाते है। एक महिला ने लिखा कि राष्ट्रपति ट्रम्प आपको गोल्फ क्लब में एक खास सुविधा नहीं लेनी चाहिए। यह आपके पद का दुरूपयोग है। पता चला कि राष्ट्रपति ने उस महिला को ब्लाक कर दिया। व्हॉइट हाउस में ट्रम्प का सोशल मीडिया अकाउंट देखने के लिए सैकड़ों लोगों की फौज है। यहीं लोग राष्ट्रपति के निजी और सरकारी सोशल मीडिया अकाउंट देखते है।