
नौकरी के लिए जो इंटरव्यू होते है, उनमें अमूमन बेतुके सवाल पूछे जाते है। जैसे बस कंडक्टर के इंटरव्यू में पूछा जाता था- अमेरिका के विदेश मंत्री का नाम बताओ। अब अमेरिका के विदेश मंत्री का नाम जानने या न जानने से कंडक्टरी का क्या ताल्लुक? कंडक्टर का इंटरव्यू देने वाले से अगर पूछा जाता कि यात्रियों से कैसा बर्ताव होना चाहिए या इतने सारे लोगों से रूबरू होते हुए भी शांतचित्त कैसे बना रहा जा सकता है? अच्छा ही हुआ कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अनेक पदों पर भर्ती के लिए इंटरव्यू की परंपरा ही खत्म कर दी।
इंटरव्यू की परंपरा एपल कंपनी ने बंद नहीं की है। एपल कंपनी को दुनिया के सबसे अच्छे नियोक्ताओं में से माना जाता है। वहां भर्ती करते वक्त उम्मीदवारों के तकनीकी कौशल की तो परीक्षा होती ही है, मनोवैज्ञानिक तरीकों से उनके व्यक्तित्व को जानने की कोशिश भी होती है। लक्ष्य यह होता है कि सही व्यक्ति सही पद पर बैठे।

एपल के इंटरव्यू में पूछे जाने वाले कुछ सवाल मुझे बड़े दिलचस्प लगे। मुझे महसूस हुआ कि इनमें से कई सवालों के जवाब सोचने की भी फुर्सत हमें नहीं होती। अगर हम इन सवालों के जवाब खोज ले तो नौकरी मिले या ना मिले, हम अपने आपको बेहतर तरीके से समझने लग जाएंगे। एपल कंपनी के प्रबंधकों की तरफ से पूछे जाने वाले कुछ सवालों की बानगी :
इनमें से कई सवाल ऐसे है, जो हर व्यक्ति को अपने आप से पूछना चाहिए। आपको एपल में नौकरी मिले या ना मिले। आपने वहां आवेदन किया हो या ना किया हो, ये सवाल आपको अपने बारे में सोचने पर मजबूर कर देंगे। हो सकता है कि इससे आप अपने खुद के बारे में वे बातें भी सोच ले, जो आपने कभी नहीं सोची हो।
21 Jan 2016
11.30 AM