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दैनिक हिन्दुस्तान (जीने की राह)
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इस साल का मैग्सेसे अवार्ड पानेवालों में डॉ हरीश हांडे भी हैं जो सेल्को इण्डिया नामक कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं. पेशे से इंजीनियर डॉ हांडे ने आईआईटी से इंजीनियरिंग की डिग्री ली और फिर यूएस के मसाच्चुसेट विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट पायी. लेकिन दूसरे आईआईटी विद्यार्थियों की तरह उन्होंने विदेश में बस जाने की जगह यहीं रहकर कुछ अलग करने की ठानी. उन्होंने सोचा कि इतनी पढ़ाई का क्या मतलब अगर उसका फायदा हमारे अपने लोगों को नहीं मिले. 1995 में उन्होंने सोलर इलेक्ट्रिक लाइट कंपनी (सेल्को) बनाई. और भारत के ही दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में लोगों के घर जगमगाने में जुट गए.

2002 में भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल किये जाने के बाद भी अमित मिश्रा को खेलने के उतने अच्छे मौके नहीं मिले और बरसों तक टीम इण्डिया में उनका उपयोग केवल एक स्टेपनी की तरह ही किया गया. इस पूरी प्रक्रिया का उस खिलाड़ी पर क्या असर पड़ सकता है, यह शायद ही हमारे क्रिकेट प्रशासन ने सोचा हो, लेकिन अमित मिश्रा ने मौका आने पर अपनी काबीलियत साबित कर दी.
क्रिकेट को टीम का खेल माना जाता है, लेकिन सच्चाई यही है कि मैदान में हर खिलाड़ी एकाकीपन से जूझता रहता है. लेग ब्रेक बॉलर और दाहिने हाथ के लोअर ऑर्डर बेट्समैन अमित मिश्रा से ज्यादा अच्छी तरह इस बात को और कौन समझ सकता है?

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सेलेब्रिटी के रूप में फ़िल्म स्टार, खिलाड़ी, नेता, उद्योगपति, सामाजिक कार्यकर्ता आदि को तो सभी जानते हैं, लेकिन कोई किसान भी किसी देश में सेलेब्रिटी माना जाने लगे, यह अनोखा काम हरचावरी सिंह चीमा ने कर दिखाया है. उन्होंने यह बात भी गलत साबित कर दी कि ग्लोबल इंडियन केवल आईटी, मैनेजमेंट या फाइनेंस के क्षेत्र में ही मशहूर हो सकते हैं. वे किसान परिवार के है और अब भी मूल रूप से किसान ही हैं. उन्होंने किसान के रूप में ही दौलत और सम्मान हासिल किया और वह भी अफ्रीकी देश घाना में. वे ४० साल पहले अमृतसर से विस्थापित हुए थे.

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ओप्रा विनफ्रे जानी मानी अभिनेत्री, फ़िल्म निर्माता और दानदाता हैं. ओप्रा विनफ्रे दुनिया की सबसे प्रभावशाली अश्वेत महिलाओं में गिनी जाती हैं. वे पहली अश्वेत महिला अरबपति हैं.
विश्वविख्यात ओप्रा विनफ्रे शो का फेयरवेल सीजन ख़त्म हो गया लेकिन कुछ देशों में रिपीट टेलीकास्ट चल रहा है. पच्चीस साल की शानदार पारी में 4561 एपिसोड का यह कार्यक्रम अमेरिकी टीवी के इतिहास का सबसे ऊँची रेटिंगवाला शो रहा है.

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अब सोनू निगम और ब्रिटनी स्पिअर्स की जोड़ी 'आई वान्ना गो' के रिमिक्स में देखने को मिलेगी. पार्श्व गायक, अभिनेता, रेडियो और टीवी कार्यक्रम प्रस्तोता, स्टेज आर्टिस्ट और संगीतकार सोनू निगम इसके पहले माइकल जेक्सन के भाई के साथ आइफा के आयोजन में प्रस्तुति दे चुके हैं. 38 साल के सोनू 35 साल से गाने गा रहे हैं. तीन साल की उम्र में उन्होंने अपने पिता श्री अगम निगम के साथ एक मंच पर फ़िल्म 'हम किसी से कम नहीं' का मो. रफ़ी का गाना 'क्या हुआ तेरा वादा...' गया था और उसके बाद गायन से उनका रिश्ता अटूट हो गया.

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सलमान खान आज भी करोड़ों युवक-युवतियों के चहेते हैं. लाखों लोग यह मानते हैं कि किसी भी फ़िल्म में सलमान खान का होना ही उस फ़िल्म के मनोरंजक होने की गारंटी है. इस स्तम्भ में सलमान की अभिनय की समीक्षा नहीं की जा रही है, बल्कि एक कलाकार के व्यावसायिक रूप से कामयाब होने के फार्मूले पर चर्चा की जा रही है.
इंदौर में जन्मे अब्दुल रशीद सलीम सलमान खान उर्फ़ सल्लू महान नहीं, कामयाब हीरो हैं. हीरो के रूप में पहली ही फ़िल्म 'मैंने प्यार किया' (१९८९) ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी, और २२ साल बाद गत शुक्रवार को रिलीज़ 'रेडी' को भी अच्छी शुरूआत मिली.

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आमिर खान को मिस्टर परफेक्शनिस्ट कहा जाता है. वे 'मेथड एक्टर' हैं. बॉलीवुड में वन मेन इंडस्ट्री हैं आमिर खान. उनके पुरखे हेरात, अफगानिस्तान से आये थे. वे मौलाना अबुल कलाम आज़ाद और डॉ. जाकिर हुसैन के वंशजों में से हैं और नज्मा हेप्तुलाह उनके करीबी रिश्ते में हैं. 46 साल के आमिर 38 साल से फिल्मों में हैं. 1973 में रिलीज फ़िल्म यादों की बारात में आठ साल का रोल करनेवाले बाल कलाकार आमिर ग्यारह साल बाद केतन मेहता की फ़िल्म होली में आये. आमिर खान अभिनीत 39 फ़िल्में रिलीज़ हो चुकी हैं, और दो बड़ी फ़िल्में धूम-थ्री और धुंआ बन रही है. तारे ज़मीन पर उन्होंने निर्देशित भी की थी और सात फिल्मों के वे निर्माता हैं.

सोलह साल के इम्मादी पृथ्वी तेज ने आईआईटी-जेईई में 4 लाख 68 हजार विद्यार्थियों में पहला स्थान पाया. यह पृथ्वी का पहला प्रयास था. पृथ्वी ने 1000 में से 970 अंकों का स्कोर अर्जित किया. अब पृथ्वी आईआईटी मुंबई में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में प्रवेश चाहता है. विदेश जाकर डॉलर कमाने के बजाए यूपीएससी की परीक्षा देकर भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाना पृथ्वी का नया लक्ष्य है.
केवल सोलह साल के इम्मादी पृथ्वी (तेलुगु उच्चारण पुरुध्वी) तेज ने आईआईटी-जेईई में 4 लाख 68 हजार विद्यार्थियों में पहला स्थान पाया. यह पृथ्वी का पहला प्रयास था. पृथ्वी ने 1000 में से 970 अंकों का स्कोर अर्जित किया. अब पृथ्वी आईआईटी मुंबई में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में प्रवेश चाहता है.
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रजनी गोपाल पेशे से चार्टर्ड अकाउन्टेन्ट हैं. वे इन्फोसिस में सीनियर पद पर कार्य करती है. उन्हें वीणा वादन का भी शौक है और सोशल वर्क में भी उनकी दिलचस्पी है. शतरंज उनका प्रिय खेल है और कुकिंग भी पसंद है. फिट रहने के लिए वे नियमित योग करती है. वे हमेशा ही अच्छे नंबरों से पास होती रही है. आप पूछेंगे कि इसमें खास बात क्या है? जी हाँ, खास बात यह है कि रजनी गोपाल पूरी तरह से दृष्टि बाधित हैं और वे जो कुछ भी देखती हैं वह आँखों से नहीं, बल्कि मन की आँखों से. वे भारत की पहली महिला सी ए हैं जो दृष्टि बाधित हैं.

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महज़ पाँच साल की उम्र में माँ की ममता से मरहूम. रजनीकांत इसरार भी करते तो किससे? सो अपनी नियति खुद ही तय करने की ज़िद पाल ली. उन्होंने कुली से लेकर कंडक्टर तक का कम शान से किया, क्योंकि उनकी निगाह में कोई भी काम छोटा नहीं है. पद्मभूषण और दर्जनों अवार्ड्स पा चुके सुपरस्टार रजनीकांत एशिया में जैकी चैन के बाद सबसे ज्यादा मेहनताना लेनेवाले स्टार हैं. फ़ोर्ब्स पत्रिका ने उन्हें भारत के सब से प्रभावशाली भारतीयों में से एक माना है.

आईएएस चुने गए सुखसोहित सिंह हजारों थैलेसीमिया पीड़ितों के संघर्ष और सफलता के प्रतीक बन गए है. पंचकुला के इस नौजवान ने अपनी लड़ाई सुप्रीम कोर्ट और प्रधानमंत्री कार्यालय तक लड़ी.
सुखसोहित सिंह आईएएस के लिए चुने गए, इसमें कोई नयी बात नहीं है. उनकी पोज़ीशन दूसरी सूची में 42 वीं ( पहली सूची जोड़ने पर 833 वीं) थी. वे हमेशा अव्वल आते रहे, इसमें भी कोई खास बात नहीं, लेकिन उन्होंने वह काम कर दिखाया है जो आजाद भारत में किसी ने नहीं किया.

आईएएस टॉपर एस. दिव्यदर्शिनी को भरोसा था कि उनका चयन आईएएस के लिए हो जाएगा, लेकिन वे टॉप पर रहेंगी, इसकी कल्पना भी नहीं थी. एस. दिव्यदर्शिनी की इस महत्वपूर्ण सफलता के कुछ सूत्र :
चेन्नई की 24 साल की एस. दिव्यदर्शिनी यूपीएससी की प्रशासकीय नौकरी की परीक्षा में टॉप पर रहीं. इसके पहले भी वे इस परीक्षा में बैठीं थीं, पर नाकामयाब रहीं. मध्यमवर्गीय परिवार की दिव्यदर्शिनी इसके बाद भारतीय स्टेट बैंक में प्रोबेशनरी अधिकारी के लिए चुनी गयीं लेकिन उन्होंने अपनी यूपीएससी परीक्षा की तैयारी भी जारी रखी.