
जयंती रंगनाथन कहानीकार और उपन्यासकार हैं और वे हर विधा में प्रयोग करती रहती हैं। उनका नया उपन्यास ‘शैडो’ एक अलग तरह का उपन्यास हैं, जिसमें मुख्य पात्र के साथ बहुत सारे पात्र हैं। कहानी में कहानियां और उन कहानियों में भी कहानियां। कुल मिलाकर यह एक सस्पेंस थ्रीलर का काम करता हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 28 मई को गुजरात के अटकोट में एक रैली को सम्बोधिक करते हुए कहा था कि हम गांधी जी के सपनों का भारत बनाने के कार्य में आठ साल से जुटे हैं। गांधी जी चाहते थे कि गरीबों, दलितों, पीड़ितों, आदिवासियों और महिलाओं को अधिक अधिकार मिले। हमारी सरकार इसी के लिए कार्य कर रही है। स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाएं हमारी सरकार की प्राथमिकता है और भारतीय संस्थानों से हम अपनी जरूरतों की पूर्ति में लगे हैं। इसके बाद की रैली में उन्होंने गांधीजी के साथ साथ सरदार पटेल का भी जिक्र किया और उनके सपनों के भारत की बात भी कही। ये दोनों ही नेता गुजरात के थे, जहाँ के मोदी भी हैं।

कुछ महीने से महंगाई बहुत ही तेज गति से बढ़ रही है। ऐसा होने पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी का रुझान होता है। दो साल से रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों को नीचे की ओर ही रखा है। यदि महंगाई में इसी प्रकार की तेजी बनी रहती है तो ब्याज दरों में फिर से बढ़ोतरी हो सकती है। जून में आरबीआई रेपो रेट को बढ़ाने पर विचार कर सकता है। अगर ऐसा हुआ तो होम लोन में बाज़ की दरें बढ़ जाएगी, जिसका असर महंगाई पर और पड़ेगा। सरकार की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार मार्च महीने में रिटेल महंगाई की दर 6.25 प्रतिशत रहीं। इसके पहले फरवरी माह में यह दर करीब 1 प्रतिशत कम थीं। मुद्रा स्फीति की दर भी परेशान करने की हद तक बढ़ चुकी हैं। रिजर्व बैंक ने इसके लिए जो टॉलरेंस बैंड बनाया है, यह उससे काफी ऊपर है।

केन्द्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीज़ल के दाम में कमी करने से लोगों ने मामूली राहत महसूस की है, लेकिन वह काफी नहीं है। सरकार ने यह कदम अनायास नहीं उठाया। महंगाई इतनी उच्च पहुँच चुकी है कि आम जनता के लिए वह असहनीय हो चुकी है। पिछले सप्ताह ही वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने जो आंकड़े जारी किये थे उसके अनुसार अप्रैल में थोक मूल्य सूचकांक 15.1 प्रतिशत ऊपर रहा। यह थोक मूल्यों की महंगाई का चरम कहा जा सकता है। यह सूचकांक पिछले 11 साल में कभी इतना ज्यादा नहीं रहा। उस पर भी खास बात यह है कि पिछले 13 महीनों से थोक मूल्य सूचकांक लगातार डबल डिजिट में बना हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार थोक मूल्य सूचकांक वास्तव में 11 वर्ष नहीं, बल्कि 30 वर्षों में सबसे ज्यादा है। हालांकि आरबीआई इसकी पुष्टि नहीं करता।

भारत सरकार की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार मार्च महीने में रिटेल महंगाई की दर 6.25 प्रतिशत रहीं। इसके पहले फरवरी माह में यह दर करीब 1 प्रतिशत कम थीं। मुद्रा स्फीति की दर भी परेशान करने की हद तक बढ़ चुकी हैं। रिजर्व बैंक ने इसके लिए जो टॉलरेंस बैंड बनाया है, यह उससे काफी ऊपर है। सबसे ज्यादा महंगाई खाने-पीने की चीजों की बढ़ी हैं। इसका असर गरीबी रेखा के नीचे जीने वालों पर सबसे बुरी तरह से पड़ रहा हैं। अन्य वर्ग के लोग तो खैर खाने-पीने की चीजें खरीद ही लेते हैं।

जम्मू-कश्मीर की स्थानीय पार्टियों ने राज्य के परिसीमन का विरोध करते हुए इसे भारतीय जनता पार्टी की मनमानी करार दिया है। इस परिसीमन के बाद जम्मू-कश्मीर के राजनैतिक समीकरण बदल जाएंगे। महबूबा मुफ्ती तो साफ-साफ कह रही हैं कि यह तो बीजेपी का विस्तार का कार्यक्रम हैं। परिसीमन में जनसंख्या के आधार की अनदेखी की गई। हमें इस परिसीमन पर भरोसा नहीं है। हम इसे रिजेक्ट करते हैं। महबूबा ने यह भी कहा कि यह परिसीमन तो अनुच्छेद 370 को निरस्त करने का एक एक्सटेंशन मात्र हैं।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक नया कदम उठाया और एक विधायक एक पेंशन योजना लागू कर दी। उसके पहले पंजाब के पूर्व विधायकों को तरह-तरह के मापदंडों के आधार पर पेंशन मिल रही थी। किसी को पेंशन 50 हज़ार रुपये महीना तो किसी को पांच लाख रुपया महीना तक। जिस तरह वन नेशन वन राशन कार्ड स्कीम है, उसी तरह अब पूर्व विधायकों को एक निश्चित राशि अधिकतम 75 हजार रुपये ही मिलेंगे।

मई के महीने में जब पारा एकदम ऊपर जा रहा है, तब कोयले की कमी से होने वाली बिजली की कमी अखरने वाली है। देश के कई भागों में तो 10-10 घंटे बिजली कटौती हो रही है। भारतीय रेलवे ने 753 यात्री रेल गाड़ियों को रद्द कर दिया है। सबसे बड़ा खतरा यह है कि कोरोना के लॉकडाउन के बाद नीचे गिरती हुई अर्थव्यवस्था को कोयले की कमी और नीचे ले जाने पर आमादा है।

भारत के एक प्रमुख आर्थिक अखबार 'इकॉनामिक टाइम्स' ने खबर दी है कि दिसम्बर 2021 तक भारत में 5 करोड़ 30 लाख लोग बेरोजगार हैं। इनमें से साढ़े तीन करोड़ ऐसे लोग हैं, जो बड़ी बेताबी से नौकरी की तलाश कर रहे हैं। इनमें भी 80 लाख युवतियां हैं, जो कोई भी नौकरी करने के लिए तैयार हैं। करीब दो करोड़ लोग ऐसे हैं जो रोजगार के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। विश्व बैंक ने कोरोना काल में वैश्विक रोजगार दर 55 प्रतिशत आंकी थी, जबकि भारत में रोजगार का प्रतिशत 43 ही था। अगर भारत को ग्लोबल स्टैण्डर्ड तक पहुंचना है तो उसे कम से कम 18 करोड़ 75 लाख लोगों को रोजगार देना होगा।

सीमा पर चीनी सैनिकों से झड़प के बाद भारत सरकार ने अपनी तमाम टेली कम्युनिकेशन कंपनियों को कहा था कि चीन से उपकरण मंगाना बंद करें। बीएसएनएल और एमटीएनएल ने चीनी उपकरण मंगाने बंद कर दिए। इसका असर नेटवर्क अपग्रेडिंग पर भी पड़ा है। भारत सरकार ने चीन के 56 मोबाइल ऐप एक साथ बैन कर दिए। बाद में यह बैन स्थाई भी हो गया, लेकिन चीनी मोबाइल भारत में आना जारी है।चीनी पटाखे, मांझा, खिलौने आदि के बहिष्कार की बातें धरी की धरी रह गई और चीन भारत का सबसे बड़ा बिजनेस पार्टनर बन गया। जी हां यही सच्चाई है।

भारत के दो पड़ोसी देश पाकिस्तान और श्रीलंका परेशानी में हैं। दोनों ही देशों की आर्थिक हालत बेहद खराब हो चुकी हैं। दोनों ही देश अपने यहां हो रही उथल-पुथल के लिए दूसरों को जिम्मेदार बता रहे हैं। पाकिस्तान की उथल-पुथल के लिए अमेरिका को जिम्मेदार बताया जा रहा है और श्रीलंका की बदहाली के लिए तो चीन जिम्मेदार है ही।